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नई दिल्ली: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने रविवार को यहां युवा हमवतन भारतीय मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर सैयद मोदी इंटरनेशल बैडमिंटन टूर्नामेंट का दूसरी बार महिला एकल खिताब जीता. कोविड-19 के कई मामलों के कारण कई शीर्ष खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में हो रहे इस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीय सिंधु को एकतरफा फाइनल में मालविका के खिलाफ 21-13 21-16 की जीत के दौरान अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा. सिंधु ने फाइनल में सिर्फ 35 मिनट में जीत दर्ज की.
दूसरी बार बनी चैंपियन
पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु का यह दूसरा सैयद मोदी खिताब है. इससे पहले उन्होंने 2017 में भी इस बीडब्लयूएफ विश्व टूर सुपर 300 टूर्नामेंट का खिताब जीता था. इससे पहले इशान भटनागर और तनीषा क्रास्टो की भारतीय जोड़ी ने हमवतन टी हेमा नागेंद्र बाबू और श्रीवेद्या गुराजादा को सीधे गेम में हराकर मिश्रित युगल का खिताब अपने नाम किया. इशान और तनीषा ने गैरवरीय भारतीय जोड़ी के खिलाफ सिर्फ 29 मिनट में 21-16 21-12 से जीत दर्ज की. अर्नाड मर्कल और लुकास क्लेयरबाउट के बीच पुरुष एकल खिताबी मुकाबले को ‘नो मैच’ (मैच नहीं हुआ) घोषित किया गया जब एक फाइनलिस्ट कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया.
सिंधु ने जीता एकतरफा मैच
दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधु और 84वें नंबर की खिलाड़ी मालविका के बीच एकतरफा मुकाबले की उम्मीद थी और अंतत: ऐसा ही हुआ. सिंधु ने अपने अनुभव और कौशल का इस्तेमाल करते हुए मालविका को कोई मौका नहीं दिया. टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सिंधु ने शुरुआत से ही दबदबा बनाते हुए 7-0 की बढ़त बनाई. सिंधु अपनी लंबाई का फायदा उठाते हुए ब्रेक तक 11-1 से आगे थी.
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ब्रेक के बाद मालविका ने अपने खेल में सुधार करते हुए कुछ अंक जुटाए और सिंधु की बढ़त को कम किया लेकिन पूर्व विश्व चैंपियन को पहला गेम आसानी से जीतने से नहीं रोक पाईं. दूसरे मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिला. मालविका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया लेकिन यह सिंधु के स्तर को चुनौती देने के लिए पर्याप्त नहीं था.
सिंधु ने अपनी लंबाई का अच्छा इस्तेमाल करते हुए शानदार स्मैश लगाए और कुछ अच्छे ड्रॉप शॉट खेले जिसका मालविका के पास कोई जवाब नहीं था. सिंधु ब्रेक तक 11-4 से आगे थी. मालविका ने ब्रेक के बाद कुछ हद तक वापसी की और लगातार चार अंक के साथ स्कोर 12-17 किया. मालविका चार और अंक जुटाने में सफल रहीं लेकिन सिंधु ने बिना किसी परेशानी से गेम, मैच और खिताब जीत लिया. 

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