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बागपत: वच की लकड़ी का इस्तेमाल पेट रोग और दिमाग के रोगियों को तेजी से ठीक करने के लिए किया जाता है. इसके इस्तेमाल से बवासीर जैसी गंभीर रोग भी तेजी से ठीक होने लगता है. यह एक ऐसी औषधि है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक मात्रा में पाई जाती है और आसानी से बाजार में उपलब्ध होती है. इसका इस्तेमाल करने से आप अपने शरीर को बीमारियों से काफी दूर रख सकते हैं.

आयुर्वेद के क्षेत्र में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाले बागपत के खेकड़ा कस्बा स्थित हरलाल सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के संचालक राघवेंद्र चौधरी (बीएएमएस, मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज बिहार) ने बताया कि वच एक ऐसी औषधि है, जिसकी उपलब्धता कश्मीर की झीलों पहाड़ी क्षेत्र और नागालैंड जैसी जगहों पर होती है. पहले इस लकड़ी का यूरोप में अधिक इस्तेमाल होता था. यह एक यूरोपियन औषधि है, जिसका उपयोग अनेक प्रकार की बीमारियों में किया जाता है.

औषधीय गुणों का खजानावच का उपयोग माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी को ठीक करने के लिए किया जाता है. इसका उपयोग पेट संबंधी समस्याओं को तेजी से ठीक करने के लिए किया जाता है. यह गंभीर बीमारी बवासीर पर भी तेजी से प्रभावी रूप से काम करती है. साथ ही शरीर को स्वस्थ रखने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके इस्तेमाल से अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं.

काढ़ा बनाकर भी कर सकते हैं इस्तेमालडॉ. राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि वच की छाल का काढ़ा बनाकर आप इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके चूर्ण के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे आसानी से पानी और दूध के साथ भी ले सकते हैं. ऐसा करने से ये जल्दी काम करना शुरू कर देता है. इसका इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए.
.Tags: Baghpat news, Local18FIRST PUBLISHED : April 29, 2024, 17:25 ISTDisclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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