योगी के मंत्री बने गवाह तो कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, 26 साल बाद सिपाही को हुई जेल, नौकरी भी गई

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Last Updated:April 06, 2025, 06:11 ISTJhansi News: यूपी के मंत्री असीम अरुण की गवाही से फर्जीवाड़ा करने वाले एक सिपाही को सजा सुनाई गई है. सिपाही ने 10वीं की फर्जी मार्कसीट से पीएसी में नौकरी कर रहा था. जहां IPS रहे असीम अरुण की शिकायत पर जवान पर …और पढ़ेंफाइल फोटो हाइलाइट्समंत्री असीम अरुण की गवाही से सिपाही को 5 साल की सजा हुई.सिपाही ने 10वीं की फर्जी मार्कशीट से पीएसी में नौकरी पाई थी.26 साल बाद कोर्ट ने सिपाही को दोषी ठहराया और 10 हजार का जुर्माना लगाया.झांसी: यूपी के झांसी में तैनात एक सिपाही को फर्जी मार्कशीट के मामले में 5 साल की सजा सुनाई गई है. सिपाही को सजा मिलने में यूपी के मंत्री असीम अरुण की गवाही अहम रही. सिपाही राजेश कुमार उपाध्याय 10वीं की फर्जी मार्कशीट बनवा ली थी. उसी मार्कशीट से उसने पीएसी में नौकरी भी हासिल कर ली थी. 26 साल बाद इस केस में अपर सिविल जज कल्पना यादव ने फैसला सुनाया है. दोषी राजेश पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की और जेल काटनी पड़ेगी.

असीम अरुण ने पकड़ा था फर्जीवाड़ा

बता दें कि 1999 में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था. जहां राजेश कुमार उपाध्याय पुत्र उदय नारायण गाजीपुर के फिरोजपुर गांव का रहने वाला है. वह 10वीं कक्षा में फेल हो गया था, लेकिन पास की मार्कशीट बनवाकर उसने 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी में सिपाही की नौकरी पा ली थी. 1999 में IPS असीम अरुण सेनानायक बनाए गए. शिकायत पर जांच कराई गई. तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. असीम अरुण ने एसएसपी को पत्र लिखा था. इसके बाद राजेश के खिलाफ प्रेमनगर थाने में केस दर्ज हुआ. आरोपी को गिरफ्तार किया गया. बाद में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया.

मंत्री की गवाही रही अहम

वहीं, 26 साल तक कोर्ट में केस चला. इस दौरान असीम अरुण नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए. फिलहाल वह योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री हैं. 21 जनवरी 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्री असीम अरुण ने कोर्ट में गवाही दी थी. कोर्ट ने शुक्रवार को तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर राजेश को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है.

बता दें कि आरोपी राजेश कुमार उपाध्याय को आईपीसी की धारा 420, 468 और 471 में दोषसिद्ध किया गया. धारा 420 में 5 साल के कठोर कारावास, धारा 468 में 5 साल के कठोर कारावास और धारा 471 में दो साल के कारावास की सजा सुनाई गई. सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी, यानी आरोपी राजेश को 5 साल का जेल काटना होगा.
Location :Jhansi,Uttar PradeshFirst Published :April 06, 2025, 05:32 ISThomecrimeयोगी के मंत्री बने गवाह तो कोर्ट ने सुनाया फैसला, 26 साल बाद सिपाही को हुई जेल

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