Champions Trophy 2025: भारत के सुपरस्टार विराट कोहली के लिए पिछला ऑस्ट्रेलिया दौरा किसी बुरे सपने जैसा रहा. पर्थ टेस्ट में शतक लगाने वाले के बावजूद वह अगले चार मुकाबलों में रनों के लिए तरसते रहे. उन्होंने 5 मैच में सिर्फ 190 रन बनाए. इस कारण विराट की काफी आलोचना हुई. यहां तक कि लोग उन्हें संन्यास लेने की सलाह भी दे रहे थे. कड़ी आलोचना के बीच कोहली ने खुद में सुधार लाने का फैसला किया और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से पहले कड़ी मेहनत की.
विराट ने बांगर से ली ट्रेनिंग
भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने बताया कि विराट ने कैसे अपनी बल्लेबाजी को सुधारा है. ऑस्ट्रेलिया में फेल होने के बाद कोहली ने बांगर से संपर्क किया था और उनसे ट्रेनिंग ली थी. बांगर ने खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया दौरा खत्म होने के बाद विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी तकनीक पर कैसे काम किया. पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान यह काफी कारगर साबित हुआ. मैच के दौरान कोहली की तकनीक देखना दिलचस्प था क्योंकि उन्होंने तेज गेंदबाजों पर हमला किया और स्पिन के खिलाफ धैर्य दिखाया.
कोहली ने किया ये बदलाव
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बांगर ने कहा कि कोहली ने जो पहला बदलाव किया वह यह सुनिश्चित करना था कि गेंद उनके पास आए और हमेशा फ्रंट फुट पर न हो. बांगर ने यह भी बताया कि कोहली पाकिस्तान के खिलाफ स्पिन के खिलाफ बैकफुट पर बल्लेबाजी कर रहे थे और आत्मविश्वास हासिल करने के बाद आगे आने लगे. बांगर ने कहा, ””वह (कोहली) गेंद के आने का इंतजार करते थे. वह वास्तव में हर समय फ्रंट फुट पर नहीं रहता था. वह इनफील्ड को भी कवर करने के लिए तैयार रहता थे. स्पिन के खिलाफ उनकी पारी के पहले हाफ में जो देखने को मिला वह यह था कि वह बैक फुट से बहुत खेल रहा थे. फिर एक बार जब उसे आत्मविश्वास मिला, तो वह आगे आने लगे. इसलिए बैक फुट से शुरुआत करना और फिर धीरे-धीरे फ्रंट फुट पर आना ही योजना थी.”
ये भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी के बाद खत्म होगा इस दिग्गज का करियर! संन्यास की बात कहकर चौंकाया
पाकिस्तान खिलाफ दिखाया धैर्य
बांगर ने यह भी बताया कि कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान अपने बल्ले की स्थिति बदल दी थी. पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच ने यह भी कहा कि कोहली को पता था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद उन्हें आगे बढ़ना होगा. बांगर ने कहा, ”जब कोहली फॉर्म में थे, तो उनका बल्ला दूसरे या तीसरे स्लिप क्षेत्र से आता था, जिससे उन्हें अधिक नियंत्रित शॉट खेलने का मौका मिलता था. वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो तैयारी के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ते. उन्हें पता था कि उन्हें (ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद) आगे बढ़ना होगा. उन्होंने अपने खेल में वह तीव्रता लाई, और कोई भी इसे उनकी बॉडी लैंग्वेज में देख सकता था.”
ये भी पढ़ें: IPL 2025: श्रेयस की कप्तानी में धमाल मचाने को बेताब विस्फोटक फिनिशर, गूगल सर्च में विराट-धोनी से था आगे
3-4 साल खेल सकते हैं विराट: बांगर
बांगर ने यह भी कहा कि उन्होंने कोहली से गेंद को ‘बाज’ की तरह देखने और प्रत्येक डिलीवरी पर 100 प्रतिशत से अधिक देने के लिए कहा. पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच को लगता है कि कोहली अगले 3 से 4 साल तक खेल सकते हैं. बांगर ने कहा, ”उन्होंने जो अच्छा किया वह यह था कि गेंद को अंत तक देखते रहे, जब तक कि वह उनके बल्ले से न टकराए. हमने इस पर चर्चा की – गेंद को बाज की तरह देखना और प्रत्येक डिलीवरी पर 100 प्रतिशत से अधिक देना. वह रनों के भूखे हैं और उन्होंने (पाकिस्तान के खिलाफ) जो पारियां खेली हैं, उन्हें देखते हुए वह आसानी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगले 3-4 साल तक खेल सकते हैं.”