Silent signs of cancer do not ignore these 5 symptoms even by mistake symptoms of cancer in hindi | Cancer Symptoms: कैंसर के साइलेंट संकेत, गलती से भी इन 5 लक्षणों को न करें इग्नोर

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Silent signs of cancer do not ignore these 5 symptoms even by mistake symptoms of cancer in hindi | Cancer Symptoms: कैंसर के साइलेंट संकेत, गलती से भी इन 5 लक्षणों को न करें इग्नोर



कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो चुपके से शरीर में पनपती है और अक्सर तब पता चलती है, जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है. हालांकि, आपका शरीर कैंसर के शुरुआती संकेत देता है, जिन्हें हम अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. ये साइलेंट संकेत अगर समय रहते पहचान लिए जाएं, तो इलाज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जागरूकता और समय पर जांच कैंसर से जंग जीतने की पहली सीढ़ी है.
डरने की बजाय सतर्क होने की जरूरत है. कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ नॉर्मल संकेत ऐसे हैं, जिन्हें भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए. डॉक्टरों के अनुसार, अगर आप इन लक्षणों को लगातार महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत मेडिकल सलाह लेना जरूरी है. यह छोटी सी सावधानी न केवल आपकी जिंदगी बचा सकती है, बल्कि इलाज को भी आसान बना सकती है. आइए, जानते हैं उन पांच साइलेंट संकेतों के बारे में, जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी.
1. अचानक वजन घटनाअगर आप बिना किसी कारण के तेजी से वजन खो रहे हैं, तो यह चिंता का विषय हो सकता है. दिल्ली के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर गर्ग बताते हैं कि बिना डाइटिंग या व्यायाम के 4-5 किलो वजन कम होना कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है, खासकर पेट, फेफड़े या अग्नाशय के कैंसर में.
2. लगातार थकानथकान जो आराम करने के बाद भी नहीं जाती, कैंसर का लक्षण हो सकती है. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, ल्यूकेमिया या कोलन कैंसर में यह लक्षण आम है. अगर थकान के साथ कमजोरी या सांस फूलना हो, तो तुरंत जांच कराएं.
3. स्किन में बदलावत्वचा पर नए तिल, घाव जो ठीक न हों, या रंग में बदलाव (जैसे पीलापन) कैंसर का संकेत हो सकते हैं. स्किन कैंसर या लिवर कैंसर में यह लक्षण दिखाई देता है. डॉकिसी भी असामान्य त्वचा परिवर्तन को हल्के में न लें.
4. लगातार दर्दलंबे समय तक रहने वाला दर्द, जैसे सिरदर्द, पीठ दर्द या पेट दर्द, कैंसर का संकेत हो सकता है. ब्रेन ट्यूमर, बोन कैंसर या ओवेरियन कैंसर में यह आम है. दर्द अगर 2-3 हफ्ते से ज्यादा रहे, तो डॉक्टर से मिलें.
5. असामान्य ब्लीडिंगमल या मूत्र में खून, अनियमित माहवारी या खांसी में खून आना फेफड़े, कोलन या सर्वाइकल कैंसर का लक्षण हो सकता है. यह लक्षण गंभीरता को दर्शाता है.
क्या करें?विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 40 साल से ऊपर के लोगों को सालाना स्क्रीनिंग करानी चाहिए. हेल्दी लाइफस्टाइल, धूम्रपान से परहेज और नियमित व्यायाम कैंसर के खतरे को कम करते हैं. कैंसर का शुरुआती पता लगना 90% मामलों में इलाज को सफल बनाता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.



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