ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न की मौत के तीन साल बाद एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. 3 साल बाद इस खुलासे ने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं. बता दें कि तीन साल पहले शेन वॉर्न की मौत ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था. टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड 708 विकेट लेने वाले इस धुरंधर का 4 मार्च 2022 को अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया था. फैंस के लिए यह खबर इसलिए चौंकाने वाली थी, क्योंकि शेन वॉर्न की उम्र तब सिर्फ 52 साल ही थी और वह क्रिकेट कमेंट्री में काफी एक्टिव भी थे.
3 साल बाद इस खुलासे ने उड़ाए पूरी दुनिया के होश
शेन वॉर्न की मौत की जांच ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. डेली मेल की एक रिपोर्ट से पता चला है कि शेन वॉर्न के थाईलैंड स्थित विला के एक कमरे से ‘सेक्स ड्रग’ हटाई गई थी, जहां वे मृत पाए गए थे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घटनास्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को कामग्रा नामक गोलियों की बोतल हटाने का आदेश दिया गया था, जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवा है.
‘शेन वॉर्न की मौत के बाद कमरे से हटाई गई थी सेक्स ड्रग’
इस दवा में सिल्डेनाफिल साइट्रेट पाया जाता है, जो वियाग्रा में पाया जाने वाला एक ही घटक है. नाम न बताने की शर्त पर डेली मेल से बात करने वाले पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने गोलियां हटाने का आदेश दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले को छिपाने में शामिल हो सकते हैं. पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह मामला फिलहाल एक संवेदनशील विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा, ‘हमें हमारे वरिष्ठों ने बोतल हटाने का आदेश दिया था. ये आदेश ऊपर से आ रहे थे और मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल थे, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनके महान खिलाड़ी का अंत इस तरह हो.’
कमरे में उल्टी और खून के अंश
पुलिस अधिकारी ने कहा,’ आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया कि शेन वॉर्न को दिल का दौरा पड़ा था और इसके कारण के बारे में कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया. कोई भी कामाग्रा की पुष्टि करने के लिए सामने नहीं आएगा, क्योंकि यह एक संवेदनशील विषय बना हुआ है. इस सब के पीछे कई शक्तिशाली अदृश्य हाथ थे. यह एक बोतल थी, लेकिन हमें नहीं पता कि उसने कितनी ली. घटनास्थल पर उल्टी और खून का एक पोखर भी था, लेकिन हमने कामाग्रा को साफ कर दिया जैसा कि हमें बताया गया था.’
शेन वॉर्न ने 1993 में रचा इतिहास
शेन वॉर्न ने अपने करियर में कई दिग्गज बल्लेबाजों के विकेट चटकाए थे. 1993 में एशेज सीरीज में शेन वॉर्न ने इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज माइक गैटिंग को एक ऐसी गेंद फेंकी, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान हर गई, जिसे आज कोई भी दूसरा बॉलर फेंक नहीं सका है. ये गेंद बहुत ही ज्यादा टर्न और माइक का विकेट ले उड़ी, जिसे बॉल आफ द सेंचुरी कहा गया है. वॉर्न ने 3 जून, 1993 को अपने पहले एशेज टेस्ट की अपनी पहली ही गेंद पर ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में गैटिंग को लगभग 90 डिग्री टर्न कराते हुए बोल्ड कर दिया था. लेग स्टंप से भी बाहर वाइड में ठप्पा खाने के बाद गैटिंग को हैरान करती हुई ये गेंद टर्न लेकर उनका ऑफ स्टंप उड़ा ले गई थी. इस गेंद ने दुनिया में तहलका मचा दिया था. वॉर्न के करियर की इस पहली एशेज बॉल को आज भी बॉल ऑफ द सेंचुरी यानी “सदी की गेंद” कहा जाता है. इसी सीरीज में वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक बनाने का कारनामा भी किया था.
टेस्ट विकेट में 708 विकेट
शेन वॉर्न ने अपने करियर के दौरान 145 टेस्ट मैच में 708 विकेट चटकाए थे, जबकि 194 वनडे मैचों में 293 विकेट उनके खाते में दर्ज किए गए थे. शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में 3154 रन भी बनाए, जो बिना शतक के किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में 12 फिफ्टी बनाई, लेकिन उनका उच्चतम स्कोर 99 रन पर ही रह गया, जो उन्होंने 2001 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पर्थ टेस्ट में बनाया था. इसके अलावा भी वॉर्न एक बार और शतक के करीब पहुंचकर चूक गए थे. वनडे में भी उन्होंने 1018 रन बनाए. वे दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेटर्स में शामिल हैं, जिनके नाम पर टेस्ट और वनडे, दोनों में बल्ले से 1000+ रन और गेंद से 200+ विकेट दर्ज हैं.