Last Updated:February 26, 2025, 12:15 ISTJhansi News : कहते हैं हुनर को एक मौके के तलाश होती है. ऐसा ही कुछ हुआ झांसी के रामदेव के साथ. काम के दबाव में झांसी पुलिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामदेव ने पेंटिंग करना छोड़ ही दिया था. लेकिन तभी रामदेव की प…और पढ़ेंX
लोकल 18 से बात करते रामदेव हाइलाइट्सझांसी पुलिस के रामदेव ने फिर से पेंटिंग शुरू की.वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने रामदेव की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगवाई.रिटायरमेंट के बाद रामदेव अपना व्यापार दोबारा शुरू करेंगे.झांसी : कलाकार कहीं भी छुपा हो सकता है. वह इंतजार करता है सही मंच मिलने का. कुछ ऐसी ही कहानी है झांसी के रामदेव की. रामदेव झांसी पुलिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं. पुलिस में उनकी नौकरी एक पेंटर के तौर पर ही लगी थी. लेकिन, पुलिस विभाग में धीरे धीरे वह इस काम से दूर होते गए. एक फॉलोअर के तौर पर वह कई काम करते रहे. पेंटिंग नहीं कर पाए. लेकिन, कई वर्षों बाद कुछ दिनों पहले उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगी.
रामदेव ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने अब तक एक हजार पेंटिंग बनाई है. 1994 में पहली बार उन्होंने पेंटिंग बनाई थी. वह अपनी दुकान में पेंटिंग का काम करते थे. वह हर तरह की पेंटिंग बनाते थे. कई अधिकारियों को भी उन्होंने पेंटिंग तोहफे में दी. भगवान और देवी देवता की पेंटिंग बनाने में वह पारंगत थे. उस समय झांसी में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने उनके हुनर को पहचान कर उन्हें पुलिस विभाग में काम दिलवाया.
रिटायरमेंट के बाद करेंगे नई शुरुआतरामदेव ने बताया कि उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं की हुनर को मंच मिलने में समय लगा. लेकिन, अब जो मौका मिला है उसे वह खोएंगे नहीं. अपने हुनर को वह अन्य मंचों तक ले जायेंगे. वह बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में प्रदर्शनी लगाएंगे. लोगों को अपने हुनर से परिचित करवाएंगे. इसके साथ ही रिटायरमेंट के बाद वह अपना व्यापार दोबारा शुरु करेंगे. गौरतलब है कि, कुछ दिनों पहले झांसी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने रामदेव के हुनर को पहचान कर उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगवाई थी.
Location :Jhansi,Jhansi,Uttar PradeshFirst Published :February 26, 2025, 12:15 ISThomeuttar-pradeshनौकरी के दबाव में पीछे छूट गया था हुनर… अब फिर नई शुरुआत कर रहे हैं रामदेव