People who walk for 30 minutes every day stay two miles away from these diseases | रोजाना 30 मिनट चलने वाले लोग, इन बीमारियों से रहते हैं दो कोस दूर, डॉ. की सलाह

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People who walk for 30 minutes every day stay two miles away from these diseases | रोजाना 30 मिनट चलने वाले लोग, इन बीमारियों से रहते हैं दो कोस दूर, डॉ. की सलाह



आज के समय में ज्यादातर लोग अपना ज्यादा समय बैठकर ही गुजारते हैं. वाहनों के कारण चलने-फिरने की आदत तो जैसे छूटने ही लगी है. कई लोग इसे आराम भरी जिंदगी भी मानते हैं, लेकिन वास्तव में इतनी कम शारीरिक गतिविधि शरीर को कमजोर बनाती है.
इतनी ही नहीं यदि आप सिर्फ नाम मात्र भर फिजिकल एक्टिविटी कर रहे हैं, तो आप हार्ट डिजीज, हड्डियों की बीमारी, मोटापा यहां तक कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी ग्रस्त हो सकते हैं. ऐसे में चिकित्सक लोगों को पैदल चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. डॉ. तुषार तायल, जो कि डॉ. सी.के. बिरला अस्पताल से जुड़े हैं. उनका कहना है कि पैदल चलने के छोटे से आदत को शामिल करके हम अपनी सेहत को कई तरह से सुधार सकते हैं.  
रोजाना पैदल चलने के फायदे- 
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हार्ट की बीमारी का खतरा होगा कम
डॉ. तायल के अनुसार, नियमित रूप से पैदल चलने से हार्ट संबंधित समस्याएं दूर हो सकती हैं. पैदल चलना दिल को मजबूत बनाता है और बीपी को कंट्रोल रखने में मदद करता है. 
शरीर में नहीं बढ़ेगी चर्बी
वजन की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है और पैदल चलना इसका एक बेहतरीन इलाज है. पैदल चलने से शरीर में वसा जलती है, जिससे वजन कंट्रोल रहता है. साथ ही, यह ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है.
ऑस्टियोपोरोसिस और अर्थराइटिस में लाभ 
पैदल चलने से हड्डियों की मजबूती बढ़ती है और जोड़ों पर दबाव कम होता है. यह ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. डॉक्टर के अनुसार, यह हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है, जिससे हड्डियों में कमजोरी नहीं आती.
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी  
एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पैदल चलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है. इससे शरीर अन्य बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है, क्योंकि यह शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. 
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
पैदल चलने से मानसिक स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार होता है. यह तनाव कम करता है और एंडोर्फिन (खुशी का हार्मोन) रिलीज करता है, जिससे मूड बेहतर होता है. साथ ही, यह मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे याददाश्त और एकाग्रता में भी सुधार होता है. 
आयु के अनुसार पैदल चलने की आदत
डॉ. तायल ने बताया कि पैदल चलने की आदत आयु के अनुसार अलग-अलग होती है. बच्चों और किशोरों को रोजाना कम से कम 60 मिनट पैदल चलने की सलाह दी जाती है, जबकि वयस्कों को 7,000 से 10,000 कदम प्रतिदिन चलने चाहिए. वरिष्ठ नागरिकों को 30-45 मिनट हल्की चाल में चलने की सलाह दी जाती है, जो उनकी सेहत के लिए आदर्श रहता है.
दौड़ने और चलने का अंतर
जब दौड़ने और चलने की तुलना की जाती है, तो दौड़ने से कैलोरी ज्यादा जलती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है. हालांकि, पैदल चलने में जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है, जबकि दौड़ने से घुटनों और टखनों पर अधिक भार पड़ता है.
– एजेंसी- Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.



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