लंबी उम्र और हेल्दी जीवन जीने की ख्वाहिश हर किसी की होती है. 114 साल तक जिंदा रहने वाले एक शख्स ने अब इस राज से पर्दा उठाया है. वह केवल लंबी उम्र तक नहीं जीते, बल्कि हेल्दी और खुशहाल जीवन जीने का तरीका भी बताया है, जिसे अपनाकर हम अपनी उम्र को और बेहतर बना सकते हैं. यह व्यक्ति न केवल अपने अनुभवों को शेयर कर रहा है, बल्कि उन्होंने यह भी बताया कि कैसे जीवन में कुछ सरल लेकिन प्रभावी आदतें एक लंबी और हेल्दी जिंदगी की कुंजी हो सकती हैं.
इसने साबित कर दिया है कि लंबी उम्र सिर्फ बायोलॉजिकल प्रोसेस नहीं है, बल्कि यह हमारे डेली जीवन की आदतों और मानसिकता पर भी निर्भर करती है. 114 साल की उम्र तक पहुंचने वाले इस व्यक्ति के बताए गए पांच अनमोल टिप्स आजमाकर आप भी अपनी जिंदगी को लंबा और बेहतर बना सकते हैं. तो, क्या आप तैयार हैं इन टिप्स को अपनाने के लिए और अपनी जिंदगी को नया दिशा देने के लिए?
1. जैतून के तेल से मालिशबर्नार्डो लापैलो रोज सुबह उठकर अपने शरीर पर जैतून का तेल लगाते थे. जैतून का तेल त्वचा को गहरी नमी प्रदान करता है, जिससे त्वचा में चमक बनी रहती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन ई होते हैं, जो समय से पहले बूढ़े होने से बचाते हैं और त्वचा की लोच को बढ़ाते हैं. यह शरीर का ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारता है, जिससे ताजगी और राहत मिलती है. नियमित रूप से जैतून का तेल लगाने से त्वचा मुलायम और हेल्दी बनी रहती है.
2. सुबह जल्दी उठनालापैलो का मानना था कि सुबह जल्दी उठना सेहत के लिए फायदेमंद है. वह रोज सुबह 3:30 बजे उठकर शुद्ध हवा में सांस लेते थे और ध्यान करते थे. जल्दी उठने से मानसिक स्पष्टता बढ़ती है, एनर्जी मिलती है और दिनभर की एक्टिविटी के लिए एक अच्छी शुरुआत होती है.
3. क्रॉसवर्ड पजल्स खेलनालापैलो ने हमेशा मानसिक शांति बनाए रखने के लिए क्रॉसवर्ड पजल्स हल किए. उनका मानना था कि तनाव को कम करने के लिए दिमागी व्यायाम जरूरी है. इससे मेंटल हेल्थ बेहतर रहता है, और उम्र के साथ दिमाग में गिरावट को रोका जा सकता है.
4. बैलेंस और पोषक डाइट लापैलो ने हमेशा ताजे फल, सब्जियां और मछली खाई. उनका मानना था कि डाइट में कैलोरी कंट्रोल और बैलेंस होना चाहिए. उन्होंने कभी लाल मांस का सेवन नहीं किया, और सर्दी के मौसम में जैतून का तेल, लहसुन, शहद और दालचीनी का सेवन किया.
5. जीवन में उद्देश्य और सकारात्मकतालापैलो का मानना था कि लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए एक उद्देश्य होना चाहिए. उन्होंने हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और आभार को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया. उनका मानना था कि मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों की अहमियत भी शारीरिक स्वास्थ्य से कम नहीं है.