IPL 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) के धाकड़ ओपनर प्रियांश आर्या की खूब चर्चा हो रही है. 24 साल के प्रियांश आर्या पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए ओपनर का रोल निभाते हैं. IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में पंजाब किंग्स (PBKS) ने प्रियांश आर्या की किस्मत खोलते हुए उन्हें 3.8 करोड़ रुपये की कीमत में खरीदा था. IPL 2025 में गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ 25 मार्च को खेले गए IPL मैच में प्रियांश आर्या ने 204.35 की स्ट्राइक रेट से 23 गेंदों में 47 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी.
पिता को तोहफे में घर देंगे प्रियांश आर्या
दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 24 साल के प्रियांश आर्या अपनी आईपीएल की कमाई से अपने पिता को दिल्ली में घर खरीदकर तोहफे में देना चाहते हैं. बता दें कि प्रियांश आर्या के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं और उनके पास अभी तक खुद का घर नहीं है. प्रियांश आर्या के कोच संजय भारद्वाज ने इस बात की जानकारी दी है. संजय भारद्वाज टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच और पूर्व ओपनर गौतम गंभीर के कोच रह चुके हैं. प्रियांश आर्या के परिवार में 6 शिक्षक हैं. प्रियांश आर्या के पिता पवन कुमार और मां राजबाला दिल्ली में पढ़ाते हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन भी एमए बीएड हैं.
कौन हैं प्रियांश आर्या?
प्रियांश आर्या दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. प्रियांश आर्या बाएं हाथ से विस्फोटक बल्लेबाजी करने के अलावा दाएं हाथ से ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं. प्रियांश आर्या 7 लिस्ट-A मैचों के अलावा 19 टी20 मुकाबले भी खेल चुके हैं. प्रियांश आर्या ने लिस्ट-A करियर में अभी तक 77 रन और टी20 करियर में 628 रन बनाए हैं. प्रियांश आर्या ने अपने टी20 करियर में एक शतक और 3 अर्धशतक भी लगाए हैं.
गांगुली और गेल को देखकर बड़े हुए प्रियांश आर्या
प्रियांश आर्या के पिता पवन कुमार ने अपने बेटे की कहानी बताते हुए कहा, ‘मैं हरियाणा के फतेहाबाद के भूना गांव से हूं. वहां क्रिकेट की सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन मैं क्रिकेट खेलता था. फिर मैं दिल्ली में पढ़ाने लगा, लेकिन क्रिकेट में मेरी रुचि बनी रही. मैं प्रियांश के साथ टीवी पर मैच देखता था. एक दिन सौरव गांगुली और क्रिस गेल को देखकर उसने (प्रियांश आर्या) कहा कि वह उनके जैसा क्रिकेटर बनना चाहता है. उनसे प्रेरित होकर उन्होंने (प्रियांश आर्या) लेफ्टी बैटिंग शुरू की, उस समय गेल अपने चरम पर थे और बहुत आक्रामक क्रिकेट खेलते थे. गौतम गंभीर भी उनके आदर्श हैं.’