भारत में पुरुषों में बढ़ती इनफर्टिलिटी अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में 25-30% इनफर्टिलिटी के मामले पुरुषों से जुड़े होते है. वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, कंसीव न कर पाने के लगभग 20% मामलों में पुरुष ही जिम्मेदार होता है तथा अन्य 30% से 40% बांझपन के मामलों में योगदान देने वाला कारक होता है.
पुरुषों में बढ़ते इनफर्टिलिटी के लिए प्रदूषण, तनाव, खराब जीवनशैली, देर से शादी, मोटापा, धूम्रपान और शराब जैसे कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं. ऐसे में इनफर्टिलिटी से बचाव के लिए भारत में अब स्पर्म फ्रीजिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है. स्पर्म फ्रीजिंग क्या और कैसे होता है? किन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है यहां हम आपको बता रहे हैं.
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स्पर्म फ्रीजिंग क्या है?
स्पर्म फ्रीजिंग एक मेडिकल प्रोसेस है, जिसमें पुरुषों के स्पर्म को अल्ट्रा-लो टेम्परेचर पर फ्रीज किया जाता है ताकि वे सालों तक संरक्षित रह सकें.
कैसे किया जाता है स्पर्म फ्रीजिंग?इस प्रक्रिया के तीन प्रमुख चरण होते हैं-
सैंपल लेना- इस चरण में पुरुष से नेचुरल या मेडिकल तरीके से स्पर्म का सैंपल लिया जाता है.प्रोसेसिंग- इस स्टेज में स्पर्म से अशुद्धियों को हटा कर उन्हें क्रायोप्रोटेक्टेंट के साथ मिलाया जाता है ताकि वे फ्रीजिंग के दौरान सेफ रहें.फ्रीजिंग- आखिरी में फिल्टर किए हुए स्पर्म को माइनस 196 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फ्रीज किया जाता है और लिक्विड नाइट्रोजन में सेफ रखा जाता है.
स्पर्म फ्रीजिंग का खर्च कितना आता है?
भारत में स्पर्म फ्रीजिंग की लागत 10,000 से 15,000 रुपये के बीच है. इसके बाद, हर साल इसे सेफ रखने का खर्च लगभग 8,000 से 10,000 रुपये है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह लागत 50,000 से 1 लाख रुपये सालाना तक होती है, जो भारत में तुलनात्मक रूप से कम है. भारत में फिलहाल 20 साल तक स्पर्म को सेफ रखने की सुविधा उपलब्ध है.
महिलाओं में भी एग फ्रीजिंग का ट्रेंड बढ़ रहा
महिलाओं में एग फ्रीजिंग का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा है. इसमें महिलाओं के एग्स को निकालकर अत्यधिक कम तापमान पर सेफ रखा जाता है. फिर जब जब महिला बाद में कंसीव करना चाहती है, तो इन एग्स को डीफ्रीज कर IVF प्रोसेस के माध्यम से गर्भधारण कराया जाता है.
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क्यों पड़ रही एग-स्पर्म फ्रीजिंग की जरूरत
महिलाओं में करियर की प्राथमिकता, स्वास्थ्य समस्याएं और देर से शादी की वजह से एग फ्रीजिंग को एक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है. एग फ्रीजिंग से बायोलॉजिकल क्लॉक की चिंता कम होती है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता घटती है. हालांकि, एग फ्रीजिंग की लागत स्पर्म फ्रीजिंग के मुकाबले अधिक होती है. वहीं. स्पर्म फ्रीजिंग पुरुषों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन चुका है, विशेषकर उन पुरुषों के लिए जो उच्च जोखिम वाले पेशों में कार्यरत हैं या जो भविष्य में बच्चे पैदा करने में समस्या का सामना कर सकते हैं.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.