डायबिटीज केवल ब्लड शुगर को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका सीधा असर दिल की सेहत पर भी पड़ता है. एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, डायबिटीज से जूझ रहे लोगों में हार्ट डिजीज का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में दोगुना होता है. बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल न केवल नसों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि दिल की काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है.
मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (दिल्ली) के वाइस चेयरमैन और प्रमुख कार्डियक सर्जन डॉ. राजनीश मल्होत्रा के अनुसार ने बताया कि भारत में डायबिटीज से पीड़ित लोगों में दिल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब यह समस्या युवाओं में भी तेजी से देखी जा रही है. यदि डायबिटीज को सही ढंग से मैनेज नहीं किया गया, तो यह हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल और हाई ट्राइग्लिसराइड्स जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
ब्लड शुगर की नियमित मॉनिटरिंग है जरूरीएबॉट डायबिटीज डिवीजन के मेडिकल अफेयर्स डायरेक्टर, डॉ. केनेथ ली का कहना है कि डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए ब्लड शुगर की नियमित जांच बेहद जरूरी है. आजकल कंटीन्यस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे बिना उंगली चुभोए ब्लड शुगर लेवल की जानकारी मिलती है. शोध से पता चला है कि यदि कोई व्यक्ति अपने ब्लड शुगर लेवल को 70 से 180 mg/dl के बीच 17 घंटे तक रखता है, तो उसका दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है.”
अपनाएं ये 5 तरीके
1. हार्ट-हेल्दी डाइट अपनाएंसेचुरेटेड और ट्रांस फैट से बचें, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर दिल को नुकसान पहुंचाते हैं. हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन रिच डाइट को अपनी डाइट में शामिल करें.
2. नियमित व्यायाम करेंवर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज जैसे तेज़ चलना या साइकिल चलाना हार्ट और डायबिटीज दोनों के लिए फायदेमंद है.
3. ब्लड शुगर की नियमित जांचनियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें और उसे 70 से 180 mg/dl के बीच बनाए रखने की कोशिश करें.
4. धूम्रपान और शराब से बचेंधूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और शराब ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर सकती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
5. तनाव को करें मैनेजतनाव हार्मोन ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बन सकते हैं. योग, संगीत सुनना या दोस्तों के साथ समय बिताना तनाव कम करने में मदद कर सकता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.