गोंडा के एक किसान कर रहे हैं सेब की खेती, जानें पूरा तरीका

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गोंडा के एक किसान कर रहे हैं सेब की खेती, जानें पूरा तरीका

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक किसान ने गोंडा में पहली बार सेब की खेती शुरु की है. आईए जानते हैं कैसे की जाती है सब की खेती और कौन से वैरायटी का सेब लगा सकते हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान बताते हैं कि वह लगभग दो बीघा में सेब की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि नेपाल में एक किसान मेला के दौरान बिहार के एक किसान से उनकी मुलाकात हुई. वह सेब का पौधा लेकर वहां पर आए थे और उन्होंने हमको एक पौधा गिफ्ट दिया फिर मैंने उस पौधे को अपने घर पर लगाया. उसे पौधे का रिजल्ट काफी अच्छा आया. गोंडा के जलवायु में सेब के पड़े ने काफी अच्छे से ग्रोथ किया. फिर मैंने सोचा क्यों ना गोंडा में सेब की खेती की जाए. फिर काफी रिसर्च के बाद हमने गोंडा में सेब की खेती की शुरुआत की.

सेब की खेती आमतौर पर ठंडे इलाकों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर आदि में की जाती है, लेकिन हाल के वर्षों में वैज्ञानिक शोध और नई किस्मों के कारण अब इसे गर्म क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता है. तो आज हम आपको सेब की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं जिससे आप जान पाएंगे कि किस किस्म के सेब को सेलेक्ट करें.

1. उन्नत किस्मों का चयन: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि गर्म क्षेत्रों में सेब की खेती के लिए हरमन 99 (HRMN 99 )वैरायटी के सेब की खेती गर्म जलवायु में किया जा सकता है.

2. जलवायु और मिट्टी: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि सेब की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है. तापमान 20°C से 30°C तक होना चाहिए.

3. सिंचाई और खाद: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि. सेब के पौधों को नियमित सिंचाई और जैविक व रासायनिक खाद की आवश्यकता होती है.

4. कटाई-छंटाई: शिवकुमार मौर्य बताते है कि पौधों के अच्छे विकास और अधिक समय तक फल लेने के लिए समय-समय पर छंटाई आवश्यक होती है.

5. कीट और रोग नियंत्रण: शिवकुमार मौर्य ने बताया कि सेब के पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए जैविक व रासायनिक उपाय अपनाए जाते हैं.

कितने बीघा में कर रहे हैं सेब की खेती: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि लगभग एक से डेढ़ बीघा में सेब की खेती कर रहे हैं भविष्य में और बढ़ाने का के बारे में सोच रहे हैं.

एक से डेढ़ बीघा में कुल कितना आया था शुरुआती दौर में खर्चा: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि शुरुआती दौर में पौधे से लेकर और मजदूरी खाद, दवा मिलाकर 15 से 20000 का खर्चा आया था.

कुल कितने लगाए हैं सेब का पेड़: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि एक से डेढ़ बीघा में लगभग 20 से 22 सेब का पौधा लगाए हैं.

कौन से वैरायटी का है सेब: शिवकुमार मौर्य बताते हैं कि जी सेब की खेती हम कर रहे हैं वह हरमन 99 वैरायटी का से है, इस सेब की खेती गर्म जलवायु में अच्छी होती है.

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