Last Updated:April 05, 2025, 20:59 ISTPeppermint ki kheti ke fayde : गर्मी में गेहूं, चना और सरसों की कटाई के बाद किसान भाई कुछ महीनों के लिए अपने खेत खाली छोड़ देते हैं. इन दिनों ये औषधीय फसल लगाकर छह से सात गुना लाभ कमाया जा सकता है. X
आप इस तरह से कमा सकते हैं लाखों का मुनाफाहाइलाइट्सगेहूं कटाई के बाद खेतों में पिपरमिंट के पौधे लगाएं.पिपरमिंट की खेती से छह से सात गुना लाभ.पिपरमिंट का तेल व्यापारी एक हजार रुपये लीटर खरीदते हैं.सोनभद्र. आमतौर पर किसान भाई गेहूं, चना और सरसों की फसल कटाने के बाद अपने खेत गर्मी के दिनों में खाली छोड़ देते हैं. कई किसानों ने इस दौरान कम लागत लगाकर ज्यादा मुनाफा कमाने की तरकीब खोज ली है. ऐसे किसान खाली पड़े खेतों में पिपरमिंट (मेंथा) की खेती कर रहे हैं. छह से आठ हजार रुपये में तैयार होने वाली ये औषधीय फसल से छह से सात गुना फायदा देते है. पिपरमेंट के तेल से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं. हालांकि सरकार की ओर से मेंथा की खेती करने वाले किसानों को किसी तरह का लाभ नहीं दिया जाता. इसके बावजूद इसकी खेती जोर पकड़ रही है.
खाली खेतों में धमाल
सोनभद्र जिले के किसान हमेशा से परंपरागत खेती करते आए हैं. बदलती जलवायु के बीच कभी किसानों को फायदा होता है तो कभी नुकसान. इस स्थिति से निपटने के लिए किसान कई प्रकार की खेती में हाथ आजमाना शुरू कर दिया है. इनमें से एक है औषधीय खेती पिपरमिंट की. इस समय जिले के कई किसान इस औषधीय खेती का रुख कर रहे हैं. जनपद के सदर विकास खंड राबर्ट्सगंज के क्षेत्रों में ये खेती वरदान साबित होने लगी है. इसकी खेती के समय में खेत ज्यादातर खाली रहते हैं. ऐसे में पिपरमेंट की खेती अतिरिक्त लाभ का भी जरिया है.
कितने रुपए लीटर
सह जिला कृषि अधिकारी ज्ञानेंद्र के अनुसार, पिपरमिंट की नर्सरी डालने के लिए धान की नर्सरी की तरह खेत तैयार किया जाता है. 20 से 25 दिन बाद रोपाई की जाती है. 60 से 90 दिन के अंतराल में फसल की कटाई हो जाती है. पिपरमिंट को प्लांट में उबाल कर तेल निकाला जाता है. व्यापारी खुद ही किसानों को खोजते हुए पहुंच जाते हैं. व्यापारी इसका तेल कम से कम एक हजार रुपये लीटर खरीदते हैं.
किस काम आता है
पिपरमेंट से सौंदर्य उत्पादों के अलावा, टूथपेस्ट, सुगंधित तेल, टाफी, साबुन, पाउडर, ठंडा तेल आदि तैयार किया जाता है. सोनभद्र जनपद की मिट्टी इसकी खेती के लिए उत्तम है. कई किसानों ने इस ओर कदम बढ़ाया भी है. फिलहाल जानकारी और जागरूकता के अभाव में किसान इसकी खेती से थोड़ा हिचक भी रहे हैं.
Location :Sonbhadra,Uttar PradeshFirst Published :April 05, 2025, 20:59 ISThomeagricultureगेहूं कटाने के बाद खेत न छोड़ें खाली, लगा दें ये पौधे, घर खोजने आएंगे खरीदार