Last Updated:April 03, 2025, 12:14 IST
Farming Tips: खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए गेहूं-सरसों की कटाई के बाद खेत की जुताई कर ढेंचा बोना लाभदायक होता है. धान की नर्सरी के लिए उपयुक्त समय, खाद और सिंचाई प्रबंधन आवश्यक है. सही तकनीक से फसल उत्प…और पढ़ेंX
आधुनिक खेती से सुधरेगी किसानों की हालत, जिला कृषि अधिकारी ने दिए सुझाववसीम अहमद /अलीगढ़- क्या आप जानते हैं कि खरीफ फसलों की तैयारी के लिए गेहूं और सरसों की कटाई के बाद खाली खेतों का सही उपयोग करना जरूरी है? इस समय खेतों की जुताई करके खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी करनी चाहिए.
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, खाली खेतों में ढेंचा बोना लाभदायक होता है. यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ हरी खाद के रूप में भी उपयोगी होता है.
ढेंचा की बुवाई की प्रक्रियाकृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि ढेंचा की बुआई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करें. इसे लगभग 45 दिनों में तैयार किया जा सकता है, जिसके लिए चार से पांच बार सिंचाई करनी होती है. इसके बाद खेत धान की फसल के लिए तैयार हो जाता है.
धान की नर्सरी तैयार करने का सबसे उपयुक्त समय 10 से 30 मई के बीच होता है. किसानों को अपने क्षेत्र के अनुसार अच्छी किस्मों का चयन करना चाहिए, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन अच्छा हो.
धान की नर्सरी लगाने की विधिउन्होंने बताया कि धान की नर्सरी लगाने से पहले खेत में 12 से 15 टन कंपोस्ट डालें और दो-तीन बार जुताई करके इसे मिट्टी में मिला दें. इसके बाद खेत में पानी भरकर आधी बोरी यूरिया, एक बोरी सिंगल सुपर फास्फेट और दस किलो जिंक सल्फेट डालें. इससे मिट्टी अधिक उपजाऊ होगी और खरपतवार भी खत्म हो जाएंगे.
चार से पांच घंटे बाद खेत में 10×10 फुट आकार की 400 क्यारियां बनाएं और हर क्यारी में एक किलोग्राम अंकुरित बीज लगाएं. इसके ऊपर हल्की कंपोस्ट डालें ताकि पक्षी बीज न खा सकें. खेत को हल्की सिंचाई करते रहें और दो हफ्ते बाद आधी बोरी यूरिया छिड़कें ताकि पौधों की वृद्धि अच्छी हो.
मिश्रित फसल का लाभधान की नर्सरी में दो लाइनों के बीच मूंग, उड़द या सोयाबीन की एक लाइन भी लगाई जा सकती है. इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और किसानों को अतिरिक्त लाभ भी मिलता है.
Location :Aligarh,Uttar PradeshFirst Published :April 03, 2025, 12:14 ISThomeagricultureगेहूं की कटाई के बाद खेत में लगा दें ये फसल, बमबम हो जाएगी मिट्टी की क्वालिटी,