चेन्नई सुपरकिंग्स के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में ‘अब भी मजबूती से खेल रहे हैं और उन्हें इस पूर्व कप्तान का सफर खत्म करने की भूमिका नहीं दी गई है. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान शनिवार को चेपक स्टेडियम में धोनी के माता-पिता (पान सिंह और देवकी देवी) की मौजूदगी ने उनके संन्यास लेने की अटकलों को फिर से हवा दी थी.
CSK के कोच ने अपने बयान से मचाया तहलका
स्टीफन फ्लेमिंग ने दिल्ली के खिलाफ 25 रन से मैच गंवाने के बाद कहा, ‘नहीं, उनके सफर को खत्म करना मेरा काम नहीं है. मुझे कुछ पता नहीं है. मैं बस उनके साथ काम करने का लुत्फ उठा रहा हूं. वह अभी भी मजबूती से आगे बढ़ रहा है. मैं इन दिनों पूछता भी नहीं. आप लोग ही इस बारे में पूछते हैं.’
धोनी का बचाव किया
महेंद्र सिंह धोनी को इससे पहले नौवें नंबर पर भेजने के फैसले की कड़ी आलोचना हुई, लेकिन शनिवार को यह दिग्गज क्रिकेटर दिल्ली के खिलाफ मैच में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरा. वह हालांकि 26 गेंदों पर 30 रन की नाबाद पारी के दौरान वह लय हासिल करने में विफल रहे और टीम को लगातार तीसरी हार से बचाने में नाकाम रहे. स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी का बचाव करते हुए कहा कि उस समय बल्लेबाजी करना वाकई कठिन था.
विजय शंकर संघर्ष करते दिखे
स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ‘उन्होंने जज्बा दिखाया. जब वह क्रीज पर पहुंचे तो मुझे लगता है कि गेंद थोड़ी रुक कर आ रही थी. हम समझ गए थे कि पहले हाफ में यह अच्छा रहेगा और फिर धीरे-धीरे धीमा होता जाएगा. उन्होंने परिस्थितियों को देखते हुए वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया. विजय शंकर ने अपनी पारी के दौरान टाइमिंग हासिल करने के लिए संघर्ष किया, लेकिन 12 से 16 ओवर का वह दौर सभी के लिए मुश्किल था. निश्चित रूप से वहां पर खेलना कठिन था. इसलिए कोशिश करने के बावजूद मैच हमारे हाथ से फिसल रहा था.’
राहुल ने नूर अहमद को लय हासिल करने नहीं दी
दिल्ली कैपिटल्स के सीनियर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने चेन्नई के बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर नूर अहमद को लय हासिल करने नहीं दिया. दिल्ली के हेड कोच हेमंग बदानी ने कहा कि इसने उनकी टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, ‘राहुल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह नूर को जमने नहीं देंगे क्योंकि उन्हें लगा कि नूर चेन्नई के लिए एक महत्वपूर्ण गेंदबाज है. वह सुनिश्चित करना चाहते थे कि प्रतिद्वंद्वी टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को असरहीन किया जाए, जिससे उनके लिए वापसी करना मुश्किल होगा.’