Uttar Pradesh

धान की फसल में किसान नमक का क्यों करते हैं छिड़काव? एक्सपर्ट से जानिए इसके फायदे और नुकसान

सौरभ वर्मा/रायबरेली: धान की रोपाई के बाद किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है.अब खेतों में धान की देखभाल और फसल की वृद्धि की प्रक्रिया शुरू होती है. ऐसे में किसानों को नियमित रूप से खेतों की निगरानी करनी होगी, ताकि जलवायु और कीटों से फसल को बचाया जा सके. साथ ही उचित खाद और पानी की मात्रा देने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होगी. परंतु धान की फसल में रोग एवं कीट लगने का खतरा ज्यादा रहता है. यही वजह है कि किसान अपनी फसल को रोग एवं कीट से बचाव के लिए तरह-तरह की जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं. जिससे कि उनकी फसल रोग एवं कीट मुक्त रहे. साथ ही उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सके. परंतु कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो अपनी फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने एवं रोग कीट से बचाव के लिए खेतों में नमक का प्रयोग करते हैं. क्योंकि नमक में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो धान की फसल को रोग एवं कीट से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं. तो आइए कृषि विशेषज्ञ से जानते हैं. धान की फसल में नमक का छिड़काव करने से फसल को क्या फायदा होता है? एवं क्या नुकसान होता है ?

कृषि के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी कृषि शिवशंकर वर्मा (बीएससी एजी डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद) बताते हैं कि किसान अपनी धान की फसल को कीट एवं रोग से बचाव के साथ ही अधिक उपज प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार की रासायनिक एवं जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करने के साथ ही तरह-तरह के रासायनिक एवं जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं. जिससे उनकी फसल रोग एवं कीट मुक्त रहे. उन्हें अच्छी पैदावार मिल सके.

यह है फायदा 

शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि धान की फसल में नमक का छिड़काव करने से फसल में लगने वाले जड़ गलन, खैरा रोग से बचाव एवं खेत में नमी बनी रहती है. क्योंकि धान की फसल के लिए पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है.

नमक छिड़काव से यह है नुकसान 

खेतों में नमक का छिड़काव करने से रोग से फसल का बचाव तो होता है. परंतु लगातार इसका छिड़काव करने से हमारे खेत की मिट्टी बंजर होने लगती है. जिसका सीधा प्रभाव हमारे फसल उत्पादन पर पड़ता है. इसका ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने पर खेत की मिट्टी का pH मान बढ़ जाता है एवं भूमि में लवणीय तत्वों की मात्रा में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है.इसीलिए जरूरी है कि फसल में किसी भी कीटनाशक एवं रसायन का प्रयोग करने से पहले कृषि विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए .कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही उचित मात्रा में इन सभी चीजों का प्रयोग करना चाहिए.
Tags: Hindi news, Local18FIRST PUBLISHED : August 4, 2024, 11:26 IST

Source link

You Missed

India's tradition rooted in fraternity, dispute not in our nature: RSS chief Mohan Bhagwat
Top StoriesNov 29, 2025

भारत में भाईचारे की परंपरा है, विवाद करना हमारी प्रकृति नहीं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

भारत के राष्ट्रीयता के बारे में भागवत का विश्वास भारतीय संस्कृति के प्रमुख भागवत ने कहा कि हमारे…

Home Minister Anitha Reviews Preparedness Amid Cyclone Ditwah Alert in AP
Top StoriesNov 29, 2025

आंध्र प्रदेश में चक्रवात डिटवाह की चेतावनी के बीच गृह मंत्री अनीता ने तैयारी की तैयारी की समीक्षा की

अमरावती: चक्रवात डिटवाह के लिए जारी चेतावनी के मद्देनजर, गृह मंत्री अनीता ने शनिवार को आपदा प्रतिक्रिया और…

Scroll to Top