Delhi: brain dead woman saved lives of many patients by donating her organs | दिल्ली में मिसाल बनी महिला! ब्रेन डेड के बाद अंगदान से कई मरीजों को दी नई जिंदगी

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Delhi: brain dead woman saved lives of many patients by donating her organs | दिल्ली में मिसाल बनी महिला! ब्रेन डेड के बाद अंगदान से कई मरीजों को दी नई जिंदगी



दिल्ली में एक 46 वर्षीय महिला की मौत के बाद भी उसकी मानवता जिंदा रही. ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उसके अंगों का दान किया गया, जिससे कई मरीजों को नई जिंदगी मिल गई. यह मामला दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल का है, जहां महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने 27 मार्च को उसे ब्रेन डेड घोषित किया, जिसके बाद उसके परिवार ने एक महत्वपूर्ण और साहसी निर्णय लेते हुए अंगदान का फैसला किया.
महिला की किडनी, फेफड़े और लिवर को जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी. अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने परिवार के इस फैसले की सराहना की, क्योंकि भारत में अभी भी अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी है. यह घटना न केवल एक प्रेरणादायक उदाहरण है, बल्कि देश में अंगदान के महत्व को भी उजागर करती है.
परिवार के फैसले ने दी नई जिंदगीशालीमार बाग फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राकेश दुआ ने बताया कि महिला के ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार को अंगदान के बारे में जानकारी दी गई. परिवार ने इस महान काम के लिए हामी भरी और महिला के अंग जरूरतमंद मरीजों को दान कर दिए गए.
नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) के अनुसार, जब कोई मरीज ब्रेन डेड घोषित किया जाता है, तो अस्पताल उसके परिवार को अंगदान करने के लिए काउंसलिंग दे सकता है. महिला के एक किडनी और फेफड़े को शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल में ही दो मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि दूसरी किडनी गुरुग्राम स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा गया.
भारत में बढ़ती अंगदान की जरूरतभारत में अंगदान की दर अभी भी काफी कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल हजारों मरीजों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है, लेकिन दानकर्ताओं की कमी के कारण कई मरीजों की जान चली जाती है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य संगठनों का मानना है कि अगर जागरूकता फैलाई जाए, तो अंगदान की संख्या में वृद्धि हो सकती है.
(इनपुट- न्यूज़ एजेंसी भाषा)



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