Benefits of Vrikshasana: योग मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में मदद और सुधार करता है. योग कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. इस खबर में हम आपके लिए वृक्षासन के फायदे लेकर आए हैं. इसके नियमित अभ्यास से पैर और हाथों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जो लंबाई बढ़ाने में बेहद ही फायदेमंद होता है.
वृक्षासन क्या है? What is Vrikshasana वृक्षासन को अंग्रेजी में ट्री पोज (Tree Pose) कहते हैं, यह एक प्रकार का हठ योग है. यह दो शब्दों से मिलकर बना है. पहला शब्द है वृक्ष और दूसरा है आसन यानी वृक्ष के समान खड़े होकर आसन लगाना.
वृक्षासन करने का तरीका
इस आसन को करना बेहद आसान है.
सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं.
अब अपने दोनों हाथों को जांघों के पास ले आएं.
धीरे-धीरे अपने दाएं घुटने को मोड़ते हुए उसे अपनी बाईं जांघ पर रखें.
अब धीरे से सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.
अपने दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं.
इस दौरान गहरी सांसें भीतर की ओर खींचते रहें.
अब सांसें छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ दें.
इसके बाद धीरे से हाथों को नीचे की ओर ले आएं.
वृक्षासन के फायदे
ये आपके पूरे पैर को मजबूत बनाने में मदद करता है जैसे पैर, टखनों, जांघों, पिंडलियों और घुटनों को.
वृक्षासन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी आपको स्वस्थ रखता है.
इसका नियमित अभ्यास पीठ दर्द के जोखिम को कम करता है.
शारीरिक संतुलन बनाने में इस आसन का अभ्यास सुधार करता है.
(साइटिका) से राहत दिलाने में भी ये आसन मददगार है.
इस योग को करने से बच्चों की लम्बाई बढ़ती है.
वृक्षासन के दौरान रखें ये सावधानियां
शुरुआत में इस योग का अभ्यास दीवार के सहारे करें.
शुरुआत में ज्यादा देर तक अभ्यास न करें.
अभ्यास के समय को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए.
इस योग को करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी का होना जरूरी है.
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