Uttar Pradesh

allahabad high court to get 16 new judges as million cases pending



प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की गाय (Cow) को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सुझाव वाली टिप्पणी की चर्चा हर तरफ है. दरअसल पिछले दिनों हाईकोर्ट ने कहा कि गाय भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग है और इसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि गाय को मौलिक अधिकार देने और इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को कदम उठाना चाहिए और संसद में विधेयक लाना चाहिए.
हाईकोर्ट के न्यायाधीश शेखर कुमार यादव ने गोहत्या अधिनियम के तहत आरोपी जावेद की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान ये बात कहते हुए जमानत खारिज कर दी. उन्होंने कहा कि गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करने वालों को भी दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए.
12 पेज के फैसले में गाय का गुणगानआरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायाधीश शेखर कुमार यादव ने 12 पेज के फैसले में कहा कि गाय का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है और गाय को देश में मां के रूप में माना जाता है. उसकी देवत्त के रूप में पूजा होती है. देश में सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुद्ध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु के साथ वरुण, वायु आदि देवताओं को यज्ञ में दी गई प्रत्येक आहुति गाय के घी से देने की परंपरा है, जिससे सूर्य की किरणों को विशेष ऊर्जा मिलती है और यही विशेष ऊर्जा वर्षा का कारण बनती है.
क्या बोले न्यायाधीशस्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा है कि एक गाय अपने जीवनकाल में 400 मनुष्यों के लिए एक समय का भोजन जुटाती है और उसके मांस से केवल 80 लोग ही अपना पेट भरते हैं. पंजाब केसरी महाराजा रणजीत सिंह ने अपने शासनकाल में गौहत्या पर मृत्युदंड का कानून बनाया था. वैज्ञानिक ये मानते हैं कि एक ही पशु गाय है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करती है और ऑक्सीजन छोड़ती है. पंचगव्य जो गाय के दूध, दही, घी, मूत्र, गोबर द्वारा तैयार किया जाता है, कई असाध्य रोगों में लाभकारी है.
UP: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, जानें इलाहाबाद HC की टिप्पणी पर AIMIM ने क्या कहा
श्रीमद्भगवदगीता सहित अनेक उदाहरण दिएभगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवदगीता में कहा है कि गायों में मैं कामधेनू हूं. ईसा मसीह ने कहा कि एक गाय या बैल को मारना मनुष्य के मारने समान है. बाल गंगाधर तिलक ने कहा था कि चाहे मुझे मार डालो पर गाय पर हाथ न उठाओ. कवि रसखान ने कहा कि यदि मेरा दुबारा जन्म हो तो मैं बाबा नंद के गायों के बीच जन्म लूं. पंडित मदन मोहन मालवीय ने संपूर्ण गोवध की निषेध की वकालत की थी. महर्षि अरविंद ने भी गाय वध को पाप माना. भगवान बुद्ध गायों को मनुष्य का मित्र बताते हैं. जैनों ने गाय को स्वर्ग कहा है. गांधीजी ने गोवंश की रक्षा को भगवान से जोड़कर कहा. इन बातों को ध्यान में रखकर ही गाय को हमारे देश में बहुत महत्व दिया गया है और उसके संरक्षण और संवर्धन की बात कही गई है.
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सुझाव पर जानिए क्यों HC ने किया अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का जिक्र
“जीवन का अधिकार मारने के अधिकार से ऊपर”उन्होंने कहा कि जीवन का अधिकार मारने के अधिकार से ऊपर है और गोमांस खाने के अधिकार को कभी भी मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता है. जीवन का अधिकार केवल दूसरे के स्वाद के लिए नहीं छीना जा सकता है. मौलिक अधिकार केवल गोमांस खाने वालों का ही नहीं है, बल्कि जो गाय की पूजा करते हैं और आर्थिक रूप से गायों पर निर्भर हैं, उन्हें भी सार्थक जीवन जीने का अधिकार है.



Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshMar 16, 2026

मनमोहन सिंह 10 साल सरकार में थे, तो कांशीराम को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं दिया? बसपा नेता ने राहुल गांधी को घेरा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम…

Senior Congress Leader T. Jeevan Reddy to Quit Party After 40 Years; Set to Join BRS
Top StoriesMar 16, 2026

सीनियर कांग्रेस नेता टी. जीवन रेड्डी 40 वर्षों के बाद पार्टी छोड़ने की तैयारी में; बीआरएस में शामिल होने की संभावना

हैदराबाद: कांग्रेस पार्टी के लिए जगतियाल जिले में एक दिलचस्प मोड़ आया है, जब वरिष्ठ नेता और पूर्व…

perfGogleBtn
Uttar PradeshMar 16, 2026

मेरठ में युवाओं के लिए कम शुल्क आईटीआई कोर्स | आईटीआई प्रवेश 2026 मेरुत | मेरठ में सरकारी आईटीआई कोर्स की जानकारी

मेरठ के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहे हैं। इन…

Scroll to Top