Actor Manoj Kumar Death What is Decompensated Liver Cirrhosis Symptoms and Risk and Treatment | Decompensated Liver Cirrhosis: जिस बीमारी से हुआ एक्टर मनोज कुमार का निधन, उस डिजीज के बारे में जानिए

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Actor Manoj Kumar Death What is Decompensated Liver Cirrhosis Symptoms and Risk and Treatment | Decompensated Liver Cirrhosis: जिस बीमारी से हुआ एक्टर मनोज कुमार का निधन, उस डिजीज के बारे में जानिए



What is Decompensated Liver Cirrhosis: पूरब और पश्चिम और क्रांति जैसी देशभक्ति फिल्मों में यादगार रोल निभाने वाले वेटरन एक्टर मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया. उनको मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां दिल से जुड़े कॉम्पलिकेशंस के कारण उनकी मृत्यु हो गई. अस्पताल द्वारा जारी किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के मुताबिक, मौत का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस है. आइए जानते हैं कि ये बीमारी कितनी खतरनाक है
क्या है डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस?डिकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस, लिवर की बीमारी का एक एडवांस्ड स्टेज है, जिसमें क्रोनिक कंडीशन (सिरोसिस) से डैमेज हुआ लिवर अपने जरूरी कामों को असरदार तरीके से नहीं कर पाता है. कंपेंसेटेड सिरोसिस के उलट, जिसमें लिवर अभी भी निशान होने के बावजूद काम करने में सक्षम होता है, डिकंपेंसेशन तब होता है जब अंग कंपेंसेट करने में नाकाम रहता है, जिससे सीरियस कॉम्पलिकेशंस होते हैं. ये अक्सर हेपेटाइटिस, ज्यादा शराब के सेवन, या फैटी लिवर डिजीज जैसी लंबे समय तक चलने वाली स्थितियों का नतीजा होता है.
बीमारी के लक्षणडिकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस के लक्षण शुरुआती स्टेज की तुलना में ज्यादा क्लियर होते हैं. मरीजों को जॉन्डिस, एसाइटिस (पेट में तरल पदार्थ का जमाव), और हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी का एहसास हो सकता है. अन्य लक्षणों में आसानी से चोट लगना या खून बहना, पैरों में सूजन (एडिमा), हद से ज्यादा थकान और फटी हुई एसोफैगल वैरिकाज से खून की उल्टी शामिल हैं. ये लक्षण शरीर को डिटॉक्सिफाई करने, फ्लूइड को रेगुलेट करने या एसेंशियल प्रोटीन को प्रोड्यूस करने में लिवर की असमर्थता को दर्शाते हैं.
डिजीज के रिस्क फैक्टर्सडिकंपेंसेटेड सिरोसिस से जुड़े रिस्क जिंदगी के लिए खतरा हैं. ये लिवर फेलियर की आशंका को बढ़ाता है, जहां अंग पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है. मरीज स्पॉन्टेनियस बैक्टीरियल पेरिटोनिटिस, किडनी फेलियर (हेपेटोरेनल सिंड्रोम) और लिवर कैंसर (हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा) जैसे इंफेक्शंस के लिए भी प्रोन होते हैं. इस स्टेज में मृत्यु दर काफी ज्यादा है, खासकर वक्त पर इलाज के बिना. लगातार शराब के उपयोग, खराब पोषण, या अनट्रीटेड वायरल हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां मरीज की हालत को और खराब कर सकते हैं.

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.



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