Cancer Treatment: अमेरिकी रिसर्चर्स ने एक नया ‘स्मार्ट’ इम्यून सेल तैयार किया है जिसे अल्ट्रासाउंड द्वारा एक्टिवेट किए जाने पर लंबे समय तक कैंसर सेल्स को लगातार महसूस और खत्म किया जा सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया (University of Southern California) में बायोमेडिकल इंजीनियर्स द्वारा विकसित “इकोबैक सीएआर टी-सेल” (EchoBack CAR T-Cell) जल्द ही कैंसर इम्यूनोथेरेपी के फील्म में एक गेम चेंजर साबित हो सकता है.
कैसे काम करती है तकनीक?साइंटिफइक जर्नल ‘सेल’ (Cell) में छपी स्टडी में, ये दिखाया गया है कि पावरफुल न्यू इकोबैक-सीएआर टी-सेल मेडिकल एप्लिकेशंस के लिए तैयार तकनीक में रेगुलर CAR T-Cell की तुलना में 5 गुना ज्यादा वक्त तक ट्यूमर सेल्स पर हमला कर सकती हैं.
सेल्स को फोकस्ड अल्ट्रासाउंड का यूज करके ट्यूमर को टारगेट करने के लिए दूर से कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे इलाज संभावित रूप से सुरक्षित और ज्यादा असरदार हो जाते हैं. टीम ने कहा कि ये अप्रोच इम्यूनोथेरेपी के लिए आमतौर पर उम्मीदवार नहीं होने वाले ट्यूमर के इलाज में बड़ी रुकावटों को दूर कर सकता है, जबकि हेल्दी टिशू को सेफ रखता है.
कितने दिनों का प्रोसेस होता है?फर्स्ट जेनेरेशन के अल्ट्रासाउंड-कंट्रोलेबल CAR T-Cell के उलट, जो खत्म होने से पहले आमतौर पर सिर्फ 24 घंटे तक कैंसर सेल्स पर हमला करते हैं, लीड ऑथर लॉन्गवेई लियू (Longwei Liu), यूएससी विटरबी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग (USC Viterbi School of Engineering) में असिस्टेंट प्रोफेसर, ने कहा कि इकोबैक CAR T-Cell ट्यूमर लोकेशन में अल्ट्रासाउंड द्वारा एक्टिव होने पर काम करते हैं. वहां से, CAR T-Cell थके बिना कम से कम 5 दिनों तक कैंसर सेल्स को खोजना और खत्म करना जारी रखते हैं.
‘अस्पताल के चक्कर कम लगेंगे’लियू ने कहा, “आप कल्पना कर सकते हैं कि जब मरीज फर्स्ट जेनरेशन सेल्स का इस्तेमाल करके अस्पताल आते हैं, तो मरीज को हर दिन इलाज के लिए आना पड़ सकता है. लेकिन नई पीढ़ी का यूज करके, अब इलाज के लिए बहुत कम विजिट की जरूरत होती है, जैसे कि हर 2 हफ्ते में एक बार, या इससे भी कम बार.”
अल्ट्रासाउंड तकनीक पर फोकसटीम ने अल्ट्रासाउंड तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया, जो CAR T-सेल के लिए “ऑन स्विच” के रूप में काम करती है, जो अल्ट्रासाउंड के 10 मिनट के छोटे पल्स का जवाब देने के लिए इंजीनियर की गई है. ये तब कोशिकाओं को उनके परिवेश में कैंसर सेल्स को महसूस करने के लिए ट्रिगर करता है. प्रोस्टेट कैंसर और ग्लियोब्लास्टोमा सहित ट्यूमर सेल्स के सेलेक्शन पर माउस मॉडल में लैब-बेस्ड एक्सपेरिमेंट में नई CAR T-Cell का विश्लेषण किया गया.
लियू ने कहा, “हम साफ तौर से देख सकते हैं कि अल्ट्रासाउंड नियंत्रणीय CAR प्लस अल्ट्रासाउंड उत्तेजना के 2 राउंड ने स्टैंडर्ड CAR T-Cell से बेहतर प्रदर्शन किया.” “इसके अलावा, जब हमने ट्यूमर कोशिकाओं के साथ अपनी CAR T-Cell को चुनौती देना जारी रखा, तो स्टैंडर्ड CAR पहले से ही थका हुआ और एक निष्क्रिय अवस्था में था, लेकिन हमारे अल्ट्रासाउंड कंट्रोलेबल CAR में बेहतर काम, कम थकान और ज्यादा एन्हांस्ड किलिंग है.”
(इनपुट-आईएएनएस)
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