दादा को लगी चोट तो बदल गई जिंदगी! अब यूपी के इस डॉक्टर को मिला होम्योपैथी चिकित्सा का प्रतिष्ठित अवॉर्ड

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दादा को लगी चोट तो बदल गई जिंदगी! अब यूपी के इस डॉक्टर को मिला होम्योपैथी चिकित्सा का प्रतिष्ठित अवॉर्ड

 फर्रुखाबाद: डॉक्टर को यूं ही ‘धरती का भगवान’ नहीं कहा जाता. अपनी सेवा और समर्पण से वे न सिर्फ मरीजों की जिंदगी संवारते हैं बल्कि समाज में भी नई उम्मीद जगाते हैं. फर्रुखाबाद के कमालगंज क्षेत्र के कंधरापुर गांव के रहने वाले डॉ. अभिराम कटियार भी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत हैं. होम्योपैथिक चिकित्सा में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें “ऑनरिंग द स्टार्स ऑफ होम्योपैथी” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.

कमालगंज रेलवे रोड स्थित “अभि होम्यो हाल क्लीनिक” के संचालक डॉ. अभिराम कटियार ने ग्वालियर से बीएचएमएस (BHMS) की पढ़ाई पूरी करने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखा. बीते 15 वर्षों में उन्होंने हजारों मरीजों को स्वस्थ किया. उनके बेहतरीन इलाज और सेवा भावना के कारण उन्हें ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला.

एक घटना ने बदल दिया जीवनडॉ. कटियार बताते हैं कि उनके बचपन में उनके बाबा के पैर में चोट लग गई थी. कई तरह के इलाज कराने के बावजूद जब राहत नहीं मिली, तब होम्योपैथी उपचार ने चमत्कारी रूप से असर दिखाया. इससे उनका परिवार इस चिकित्सा पद्धति पर भरोसा करने लगा. उनके पिता राकेश कटियार ने भी इस चिकित्सा की महत्ता को समझा और बेटे को इसी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.

कैसे मिला यह अवॉर्ड?“ऑनरिंग द स्टार्स ऑफ होम्योपैथी” का आयोजन बर्नेट होम्योपैथी प्रा. लिमिटेड द्वारा नई दिल्ली के ताजमहल होटल में किया गया. इस भव्य समारोह में देशभर के डॉक्टरों को सम्मानित किया गया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सांसद राजेश वर्मा, गीतकार मनोज मुंतशिर, अभिनेत्री मंदिरा बेदी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, सांसद मनोज तिवारी समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं.

होम्योपैथी चिकित्सा को बढ़ावा देने की मुहिमबर्नेट होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. नीतीश चंद्रा दुबे ने इस पहल की अगुवाई की. उन्होंने बताया कि होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना बेहद जरूरी है. इस आयोजन का उद्देश्य होम्योपैथी चिकित्सा को मुख्यधारा की चिकित्सा प्रणाली में शामिल कराना है.

पिता से मिली प्रेरणाडॉ. कटियार के पिता राकेश कटियार प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए ऑर्गेनिक खेती करते हैं और रासायनिक उर्वरकों से बचने की सलाह देते हैं. उनके परिवार द्वारा संचालित गौशाला भी जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देने का एक हिस्सा है. इससे प्रेरित होकर डॉ. अभिराम कटियार ने भी प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया.

गंभीर बीमारियों के इलाज में भी कारगरडॉ. अभिराम कटियार ने बताया कि उनके क्लीनिक पर पोलियो, त्वचा रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज भी ठीक हुए हैं. वे होम्योपैथिक चिकित्सा को लेकर जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पद्धति का लाभ उठा सकें.

10 अप्रैल को होगा मुफ्त चिकित्सा शिविरविश्व होम्योपैथी दिवस (10 अप्रैल) के अवसर पर “अभि होम्यो हाल क्लीनिक” में निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा. इसमें दूर-दराज से मरीज आकर मुफ्त इलाज और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं.

कैसे पहुंचे क्लीनिक?अगर आप फर्रुखाबाद के कमालगंज रेलवे रोड पर स्थित अभि होम्यो हाल क्लीनिक आना चाहते हैं तो आप रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से आसानी से पहुंच सकते हैं. यह क्लीनिक रेलवे रोड पर स्थित शिव मंदिर के सामने स्थित है.

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