Sambhal Violence : न्यायिक आयोग ने शुरू की जांच, वकील विष्णु शंकर जैन बोले – ‘मैं माफी मांग लूंगा अगर…’ – Advocate vishnu shankar jain says will apologise genuinely if anyone can prove I was raising slogans during Sambhal Jama Masjid Survey

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Last Updated:February 28, 2025, 16:04 ISTSambhal Jama Masjid Violence : संभल में 19 और 24 नवंबर को हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच आयोग ने अपनी जांच शुरू कर दी है. वकील विष्णु शंकर जैन ने शुक्रवार को कमेटी के सामने बयान दर्ज कराए. विष्णु शंकर का कहना क…और पढ़ेंसंभल हिंसा को लेकर न्यायिक आयोग ने शुरू की जांच, वकील विष्णु शंकर जैन ने दर्ज कराए बयान… संभल. संभल की जामा मस्जिद की पुताई पर रोक के बाद मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है. हाईकोर्ट ने ASI रिपोर्ट के आधार पर कहा कि अभी मस्जिद में रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं. हिंदू समुदाय ने फैसले पर खुशी जताई है. नवरात्रि में परिसर में पूजा की अनुमति की मांग की है. हिंदू पक्ष ने पुताई की ओट में मंदिर के चिह्नों को मिटाने की आशंका जताई थी. रमजान में मुस्लिम पक्ष को पुताई की अनुमति देने पर नवरात्र में परिसर में पूजा की अनुमति देने की मांग की है.

इधर,वकील विष्णु शंकर जैन के बयान न्यायिक आयोग ने दर्ज कर लिए हैं. संभल हिंसा के दौरान विष्णु शंकर जैन शाही जामा मस्जिद के अंदर मौजूद थे. न्यायिक आयोग ने तकरीबन 3 घंटे तक विष्णु शंकर जैन के बयान दर्ज किए.

विष्णु जैन ने कहा, ‘हमने 19 और 24 नवंबर को जो घटनाक्रम हुआ, उसके बारे में पूछा गया था हमने पूरा डिटेल दे दिया है. आयोग के आगे दर्ज कराया है और वह आगे की कार्रवाई करेंगे. मैंने अपना पूरा डिटेल स्टेटमेंट दिया है.  24 नवंबर को भारी हिंसा हुई थी. हिंसा का आलम यह था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही थी. वहां पर फायरिंक की आवाज हमने सुनी थी. पुलिस प्रशासन आंसू गैस का प्रयोग कर रहा था. पथराव-आगजनी हो रही थी. और भी अन्य जानकारियां हमने कमेटी के सामने रखी हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं किसी वीडियो में नारेबाजी करते हुए नहीं दिखाई दे रहा हूं. अगर ऐसा है तो मैं आपसे माफी भी मांगूंगा. ये वायरल भी नहीं है. यह पूरी तरह से दिखाया गया कि मैं सर्वे करके निकल रहा हूं. उन्होंने मुझे देखकर नारेबाजी की और मैंने जय श्री राम के नारे लगाए, ऐसा कोई दिखा दे फिर मैं आपसे माफी मांगूंगा. जामा मस्जिद में रंग-रोगन की कोई जरूरत नहीं है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी कहा है कि वहां पर व्हाइट वॉश एक बहाना है और मंदिर के अस्तित्व को छुपाना है.’

इधर, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में एएसआई की टीम में शामिल श्री मदन सिंह चौहान (संयुक्त महानिदेशक, एएसआई), श्री जुल्फेगर अली (निदेशक, स्मारक) और श्री विनोद सिंह रावत (पर्यवेक्षण पुरातत्वविद्, मेरठ सर्कल) ने 27 फरवरी 2025 को मस्जिद का दौरा किया। इस दौरान मस्जिद के मुतवल्लियों की उपस्थिति में पूरे स्मारक का निरीक्षण किया गया. जामा मस्जिद संभल को 22 दिसंबर 1920 को संरक्षित घोषित किया गया था. मस्जिद का मुख्य ढांचा एक बड़े गुंबद के रूप में है, जिसके चारों ओर एक विशाल आंगन है. मस्जिद के पूर्वी दिशा में मुख्य द्वार है, जिसके भीतर जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल होता है. मस्जिद के मध्य में वजू के लिए एक जलाशय स्थित है.

मस्जिद में हुए आधुनिक बदलावनिरीक्षण में सामने आया कि मस्जिद कमेटी ने पहले भी कई मरम्मत और पुनरुद्धार कार्य किए हैं, जिससे ऐतिहासिक संरचना में कई बदलाव हुए हैं। मस्जिद की फर्श को पूरी तरह से टाइल्स और पत्थरों से बदल दिया गया है. इसके अलावा, मस्जिद के अंदरूनी हिस्से में सुनहरे, लाल, हरे और पीले रंग की मोटी तामचीनी पेंट की गई है, जिससे मूल सतह ढक गई है.

मरम्मत की आवश्यकता पर टीम की रायएएसआई की टीम के अनुसार, मस्जिद के भीतर की तामचीनी पेंट अभी अच्छी स्थिति में है. तत्काल मरम्मत की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, बाहरी हिस्से में कुछ जगहों पर पेंट उखड़ने के संकेत मिले हैं, लेकिन स्थिति अभी इतनी गंभीर नहीं है कि तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता हो.

मुख्य द्वार और पिछली दीवारों की खराब स्थितिनिरीक्षण में मुख्य द्वार की लकड़ी की लिंटल (ऊपरी बीम) बुरी तरह सड़ चुकी है, जिसे बदलने की आवश्यकता है. मस्जिद के पश्चिम और उत्तर दिशा में स्थित छोटे-छोटे कक्ष, जो स्टोर के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं, जर्जर स्थिति में हैं. विशेष रूप से इन कमरों की लकड़ी की छतें कमजोर हो गई हैं और मरम्मत की आवश्यकता है.

एएसआई करेगा विस्तृत सर्वेहाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, एएसआई का संरक्षण और विज्ञान विभाग मस्जिद में हुए आधुनिक हस्तक्षेप की पहचान करेगा और इसे मूल स्वरूप में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इसके लिए एएसआई मेरठ सर्कल द्वारा विस्तृत कार्य योजना और अनुमान तैयार किया जाएगा.

मस्जिद कमेटी से सहयोग की अपीलकोर्ट के आदेश के अनुसार, एएसआई मस्जिद की नियमित सफाई, धूल हटाने और आसपास की वनस्पतियों को हटाने का कार्य करेगा. इसके लिए मस्जिद कमेटी को कोई बाधा न डालने और एएसआई को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं.
Location :Sambhal,Moradabad,Uttar PradeshFirst Published :February 28, 2025, 16:04 ISThomeuttar-pradeshSambhal Violence : वकील विष्णु शंकर जैन बोले – ‘मैं माफी मांग लूंगा अगर…’

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