Last Updated:February 28, 2025, 13:02 ISTSugarcane Farming Tips : बसंतकालीन गन्ने की बुवाई की फरवरी-मार्च का महीना बेस्ट माना जाता है. अगर हम बुवाई में सामान्य विधि को छोड़कर आधुनिक विधि का इस्तेमाल करें तो प्रति एकड़ 30-40 क्विंटल बीज की बचत होगी. साथ…और पढ़ेंX
गन्ने की फसलहाइलाइट्सफरवरी-मार्च में गन्ने की बुवाई बेस्ट मानी जाती है.सिंगल बड़ विधि से कम बीज में ज्यादा उत्पादन होता है.इस विधि से 1 पौधे से 100 गन्ने तैयार होते हैं.शाहजहांपुर : इन दिनों किसान बसंतकालीन गन्ने की बुवाई कर रहे हैं. गन्ने की फसल की बुवाई कई तरह से की जाती है. कुछ किसान पारंपरिक विधि से भी गन्ने की बुवाई करते हैं लेकिन अगर वैज्ञानिक विधि से गन्ने की बुवाई की जाए तो कम बीज और लागत में अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. गौरतलब है कि फरवरी-मार्च का महीना बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए बेस्ट माना जाता है. इस समय बसंतकालीन गन्ने की बुवाई करने से किसानों को अच्छी पैदावार मिलती है. खास बात यह है कि फरवरी-मार्च महीने में बोए हुए गन्ने का जमाव बेहतर होता है. इसकी वजह से बाद में गन्ने के पौधे अच्छी तरह से ग्रोथ करते हैं.
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक ने बताया कि सामान्य विधि को छोड़कर गन्ने की आधुनिक विधि सिंगल बड़ विधि से बुवाई कर सकते हैं. ऐसा करने से गन्ने का जमाव अच्छा होगा. किसान कम बीज और कम लागत में अधिक क्षेत्रफल में गन्ने की फसल उगा सकते हैं. खास बात यह है कि इस विधि से गन्ने की बुवाई करने से बीज गुणन भी तेजी से होता है. सिंगल बड़ विधि से गन्ने की बुवाई करने के लिए किसान पहले से तैयार की गई गन्ने की पौध को खेत में रोपाई कर सिंचाई कर दें. इस विधि से किसानों को सामान्य विधि के मुकाबले ज्यादा उत्पादन मिलता है.
30 -40 क्विंटल तक बचेगा बीजसिंगल बड़ विधि से कम बीज में ज्यादा क्षेत्रफल की बुवाई की जा सकती है. सामान्य विधि से यहां 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बीज की आवश्यकता होती है, जबकि इस विधि से गन्ने की बुवाई करने पर 20 से 22 क्विंटल बीज की ही आवश्यकता होती है. खास बात यह है कि गन्ने की एक आंख से 100 आंख तैयार होती है. नई किस्म के बीज को तेजी से बढ़ाने के लिए यह विधि बेहद ही कारगर है. जबकि सामान्य विधि से महज 10 गुना बीज गुणक को होता है.
कैसे करें गन्ने की बुवाई?सिंगल बड़ विधि से गन्ने की बुवाई करने के लिए खेत की गहरी जुताई करने के बाद रोटावेटर से खेत की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना कर 3 फीट की दूरी पर कूड बना लें. उसके बाद पौधे से पौधे की दूरी 1.5 फीट रखते हुए पहले से तैयार की गई सिंगल बड़ नर्सरी के पौधों को लगा दें. पौधे लगाने के तुरंत सिंचाई कर दें. इस विधि से 90% पौधे गन्ने में तब्दील हो जाते हैं, जिससे किसानों को ज्यादा उत्पादन मिलता है.
Location :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :February 28, 2025, 13:02 ISThomeagriculture3 फीट पर इस वैज्ञानिक विधि से करें गन्ने की बुवाई… 1 पौधे से तैयार होंगे 100