आज के समय में ब्रेकअप बहुत आम बात हो गयी है. रिश्ता टूटना और अगले ही पल एक नए इंसान के साथ रिश्ते में चले जाना ट्रेंड बन गया है. लेकिन आज भी कुछ लोग हैं जिन्होंने कभी अपने प्यार को खोने का ख्याल भी मन में नहीं लाया है. या जो अपनी जिंदगी की खुशियों की बागडोर पूरी तरह से किसी को सौंप दी. ऐसे लोगों के लिए ब्रेकअप कभी भी आसान नहीं होता है. हाल ही में एक मामला सामने आया है, जिसमें ब्रेकअप होने के बाद एक 25 साल की लड़की अपाहिज हो गयी. यह साबित करती है कि आपकी मेंटल इलनेस आपको फिजिकली किस हद तक अफेक्ट कर सकती है. इस केस की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हैदराबाद के डॉक्टर सुधीर कुमार एमडी डीएम ने शेयर की है.
25-year old with severe walking difficulty for 6 months
➡️Ms Miriam (name changed) was a bright post-graduate student at a leading institute in Canada. Everything was going well until about 6 months ago, when she reported difficulty in walking.➡️She had developed weakness of…
— Dr Sudhir Kumar MD DM (@hyderabaddoctor) March 31, 2025
क्या है पूरा मामला?
डॉ. कुमार ने बताया कि मिरियम (बदला हुआ नाम) कनाडा के एक प्रमुख संस्थान में एक ब्राइट ग्रेजुएट स्टूडेंट थी. लगभग 6 महीने पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था, जब उसने चलने में कठिनाई की शिकायत की. इस महिला को पैर में कमजोरी महसूस हो रही थी, जो समय के साथ बढ़ती जा रही थी. डॉक्टर्स को पहले यह मामला नॉर्मल लगा, लेकिन जब उसकी स्थिति गंभीर हो गई और वह व्हीलचेयर तक पहुंच गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए.
पता लगाने में लग गए 4 महीने
जीपी और उसके बाद एक न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा रेगुलर चेकअप के बावजूद वजह का महीनों पता नहीं लगा. ब्लड टेस्ट से लेकर एनसीएस/ईएमजी और एमआरआई सभी जांच नॉर्मल थे. इस बीच, मरियम की हालत बिगड़ती जा रही थी. पांचवें महीने तक वह व्हीलचेयर पर आ गई, क्योंकि वह बिना सहारे के कुछ कदम भी नहीं चल पाती थी.
क्या है फंक्शनल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर?
आखिरी में फंक्शनल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (FND) पर डॉक्टर्स की सहमति बनी. यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें ब्रेन अपने सिग्नल को सही तरीके से भेजने और प्राप्त करने में फेल हो जाता है, जिससे नर्वस सिस्टम स्ट्रोक या ट्यूमर के बिना फिजिकल लक्षण पैदा होने लगते हैं. यह बीमारी मानसिक तनाव या मानसिक कारकों के कारण हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से एक मानसिक विकार नहीं है. डॉक्टरों ने पाया कि उसके लक्षण एक मानसिक आघात (ब्रेकअप) के बाद पैदा हुए थे. इस महिला का ब्रेकअप एक ऐसे व्यक्ति से हुआ था जिसे उसके परिवार ने स्वीकार नहीं किया था.
मनोवैज्ञानिक असर और शारीरिक लक्षण
इसमें कोई संदेह नहीं कि मानसिक तनाव शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इस केस से यह साफ होता है कि जब हम रिश्तों और मानसिक तनाव की बात करते हैं, तो यह केवल मानसिक स्थिति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है. हालांकि अब लड़की पूरी तरह से ठीक है. लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी तरह के स्ट्रेस को दबाए रखना गंभीर परिणाम दे सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)